Nov 3, 2015
Nov 2, 2015
Udaan
नीला आसमां जब समंदर सा लहराए
रेशम के गुच्छे जब चूमने को आएं
फड़फड़ाती हवा सुनाये सूरज चंदा की बातें
और चोटी से परबत क छाती सुहाए
ऊंचे पेड़ों के ऊपर जब घास का आँचल मिल जाये
तब होता है आग़ाज़ …
कि इस विराट जहां में हम हैं कितने छोटे से साये
और उस हर एक लम्हे में,
ज़िन्दगी बार बार मुकम्मल हो जाये
Apr 3, 2015
Khudi
मैं हूँ और है बदमाश हवा
मेरे संग बहे, मेरी रूह में रवां।
छू मूझे हर जगह, कहे वो जान-ए-वफ़ा
कि देख, देख तूझे चाँद बेहद खफा।
ज़ुल्फ़ों की कशिश और आँखों की मस्ती मैं ही तो हूँ
चाहत की ख़लिश और ख्वाबों की कश्ती मैं ही तो हूँ।
मैं खुद में हूँ पूरी, मैं अपने लिए हूँ यहां
मेरी अदा, दीवानगी, मेरा गुरूर देखे ये जहां।
मैं हूँ बारिशों की बूंदों में जगमगाता पानी
मैं हूँ जदुओं की ख़ामोशी, रातें मेरे काजल का मानी।
इस जहां से परे मेरा एक अलग ही जहां
यहां हसीन निशा, और इसका नशा मैं हूँ यहां।
Dec 27, 2014
Fitrat
To chase the infinite horizon
To reach for the limitless stars
I live to be on the move, ever unbound
That's my dream, my freedom, my victory scars.
Jun 21, 2014
Jan 8, 2014
Ikhtiyaar
देखे एक नज़र या करे नज़रअंदाज़
चीर दे मुझको या सींच दे संग प्यार
गुमसुम सन्नाटा या छेड़े बातों का साज़
मेरे कुसूरवार, ये तेरा इख्तियार
Jan 3, 2014
Bated Breath
Blushing; desires I began to wreathe
Lost in dreams, forgetting to breathe
In anticipation of mingled breaths,
I waited with a bated breath.
Lost in dreams, forgetting to breathe
In anticipation of mingled breaths,
I waited with a bated breath.
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