May 5, 2020

Frooti

जैसे बच्चों की किलकारी
जैसे सर्दियों की धूप
जैसे चाट पापड़ी करारी
जैसे मुस्कान भरा रूप

जैसे किताबों में फूल
जैसे खुशबूओं सा रूमाल
जैसे मैदानों की धूल
जैसे रंग होली का गुलाल

जैसे श्याम का पहला दीया
जैसे गर्मियों की बारिश
जैसे मौजी मचलाया जिया
जैसे एक पूर्ण हुई गुज़ारिश

जैसे उड़े कागज़ के जहाज़
जैसे गुड्डे-गुड़ियों का खेल
जैसे कोई शरारत मस्तीबाज़
जैसे कीमती यादों की रेल

ज़िन्दगी का हर प्यारा अहसास
लगे जैसे फ़्रूटी की हर बूँद
वैसी मेरी चाहत की अरदास
वैसे मैंने लिया तुझे ढूंड

वैसी मेरी पहली मोहब्बत
वैसी तेरी गालों की नर्माहट
वैसा तेरी हँसी का शरबत
वैसी तेरे आने की आहट

वैसी तेरी आवाज़ की खनक
वैसे तेरा हाथ पकड़ना
वैसी तेरे होने की रौनक
वैसे तेरा गले लगाना

जैसे चमके हर नयन दिवाली
वैसे तेरे संग साँसों का ख्याल
जैसे टहलें रातों में निराली
वैसा नये दशक का पहला साल