Oct 9, 2026

Ranjish he sahi

 मिलती नज़रों को चुराने के लिए आ 

दूर नहीं करीब से तरसाने के लिए आ 

ज़रा से संभले दिल को रुसवाने के लिए आ 

आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ 


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